बजट पर जश्न मना रही थी मोदी सरकार की आ गयी बुरी खबर

बजट को लेकर देश भर में ख़ुशी का जश्न मना रहे थे मोदी सरकार में कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार 1 फरवरी को जैसे ही अंतरिम बजट पेश किया, लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं इस बार के बजट में जनता के लिए काफी कुछ है, इस वजह से लोगों ने अंतरिम बजट को हाथों-हाथ लिया है इससे भारतीय जनता पार्टी गदगद हो गई है बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं हालांकि इसी जश्न के चंद घंटों बाद ही मोदी सरकार के लिए बुरी खबर आ गई है इसके बाद बीजेपी का जश्न फीका पड़ गया है आइए जानें वो बुरी खबर क्या है।

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अंतरिम बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है

मोदी सरकार ने चुनाव से पहले जो अंतरिम बजट पेश किया है, उसमें समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है मध्यम वर्ग के लिए जहां इनकम टैक्स में राहत आई तो किसान के लिए छह हजार रुपए की मदद भी पहुंची रक्षा बजट में सात फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ही सैनिकों को भी गर्व करने का मौका मिला तो मजदूरों को भी दो जून की रोटी का जुगाड़ करवाने की सोची गई।

आखिर वो बुरी खबर क्या है, आइए जानें

बीजेपी के जश्न के बीच जो बुरी खबर सामने आई है वो सुप्रीम कोर्ट से है। 1 फरवरी को अंतरिम बजट आने के चंद घंटों बाद ही इसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई है जी हां एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा ने इस बजट के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर दी है इस याचिका में वकील ने मोदी सरकार के इस अंतरिम बजट को खारिज करने की मांग कर दी है।

आखिर किस आधार पर दायर की याचिका

एडवोकेट शर्मा ने कोर्ट में याचिका के जरिए कहा है कि अंतरिम बजट संवैधानिक रूप से वजूद में ही नहीं है उनका कहना है कि संविधान में ऐसे बजट का कोई प्रावधान ही नहीं किया गया है उन्होंने कहा है कि संविधान के मुताबिक सिर्फ पूर्ण बजट और लेखानुदान पेश करने का ही प्रावधान है इस याचिका ने मोदी सरकार के जश्न को फीका कर दिया है।

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