मिल जाये ये पौधा तो छोड़े नहीं ले आये जरूर घर

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कितने ही पेड़ है और कितने ही पौधे प्रकृति ने हमें कर्इ् पौधे और पेड़ दिए है जिनका इस्तेमाल हम अपनी जरूरतों से हिसाब से करते आ रहे हैं यह सिलसिला हमारे पूर्वजों के समय से चला आ रहा हैं और उन्हीं सलाह के अनुसार आज भी हम उनका इस्तेमाल लगातार करते आ रहें है आज हम जिस पौधे के बारे में चर्चा करने जा रहे है वो अनेकों रोगों का रामबाण इलाज है बता दे कि इस पौधे का इस्तेमाल कई सालों से हमारे पूर्वज भी करते आ रहें हैं।

 

आईये चर्चा करते है पौधें के बारे में जिसका नाम हैं शंखपुष्पी इसे लैटिन में प्लेडेरा डेकूसेटा के नाम से जाना जाता है बता दे कि शंख के समान आकृति वाले श्र्वेत पुष्प होने से इसे शंखपुष्पी कहते है। शंखपुष्पी दूध के समान सफेद फूल है आयुर्वेद शास्त्र में श्र्वेत पुष्पों वाली शंखपुष्पी को औषधि माना गया है तो आईए आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार आज हम आपको शंखपुष्पी के रामबाण फायदों के बारे में बताते है जिसे पूरी दुनिया व ऐलोपैथिक डॉक्टरों ने भी माना है।

अगर आपके अनिद्रा, अपस्मार रोग, सुजाक, मानिकस रोग, भ्रम जैसी शिकायत है तो इसका महीन पिसा हुआ चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह-शाम मीठे दूध के साथ या मिश्री की चाशनी के साथ सेवन करने से इन सब रोगों से छुटकारा मिलता है।

बुखार में शंखपुष्पी के पंचांग जड, तना, फल, पत्ते फूल का चूर्ण और मिश्री को मिलाकर पीस लें इसे 1-1 चम्मच की मात्रा में पानी से रोजाना 2-3 बार सेवन करने से तेज बुखार व बिगडा मानसिक संतुलन ठीक हो जाता है।

ताजा शंखपुष्पी के जड, फल, फूल, तना, पत्ते का रस 4 चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम रोजाना सेवन करने से कुछ महीनों में मिर्गी का रोग दूर हो जाता है।

शंखपुष्पी का उत्तेजना शामक प्रभाव उच्च रक्तचाप को घटकर उसको सामान्य स्तर पर लाता है।

आयुर्वेद की नजर में शंखपुष्पी स्मरणशक्ति को बढाकर मानसिक रोगों व मानसिक दौर्बल्यता को नष्ट करती है।

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