किस बीमारी में कौन से डॉक्टर को दिखाना चाहिए

बीमारी का सामना तो हर किसी को करना पड़ता है आज के समय मे बीमारियां बहुत ज्यादे बढ़ गई है और इसके हिसाब से ही हेल्थ डिपार्टमेंट भी अपने आप को विकसित किये जा रहा है आज के समय मे अलग अलग बीमारियों के लिए अलग अलग स्पेशलिस्ट डॉक्टर होता है, और वो उससे संबंधित बीमारी का बेहतर तरीके से इलाज कर सकता है, तो क्या आप जानते हैं किस बीमारी में कौन से डॉक्टर के पास जाना है।

हर स्पेशलिस्ट के लिए एक अलग नाम होता है, और जो किसी खास बीमारी को ठीक करने के लिए उसके पास ज्यादे जानकारी होती है कई बार हमें कुछ खास हेल्थ प्रॉब्लम हो जाती है और हमें ये पता नहीं होता कि किस तरह का डॉक्टर इसे ठीक कर सकता है, और कई बार तो हम कम जानकारी की वजह से किसी भी डॉक्टर को या जनरल फिजीशियन को ही दिखा लेते हैं, लेकिन इससे बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और इलाज में हमारा कीमती समय और पैसा दोनों बर्बाद हो जाता है तो अगर ऐसे में आपको ये पता हो कि किस बीमारी में किस तरह के डॉक्टर को दिखाया जाता है और उस स्पेशलिस्ट को किस नाम से बुलाया जाता है तो आप कम समय और कम खर्चे में बेहतर इलाज करा सकते है।

किस बीमारी में कौन सा स्पेशलिस्ट डॉक्टर बेहतर –

डेंटिस्ट (Dentist) – दातों से सम्बंधित परेशानी के लिए आप को डेंटिस्ट के पास ही जाना चाहिए BDS (बेचलर ऑफ़ डेंटल सर्जरी ) की डिग्री हासिल करके डेंटिस्ट बनते हैं PG कोर्स करके MDS की डिग्री ली जाती है।

डर्मेटोलॉजिस्ट/ स्किन स्पेशलिस्ट – ये डॉक्टर त्वचा सम्बन्धी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं त्वचा से संबंधित कोई भी गंभीर समस्या होने पर आप इनके पास जा सकते है त्वचा की बनावट , कार्यविधि तथा बीमारी को ये अच्छे से समझते हैं।

कार्डियोलोजिस्ट ( Cardiologist) – ह्रदय से संबंधित कोई भी समस्या जैसे की बायें हाथ की नसें खीचाव महसूस करना, छाती में घुटन या दबाव सा महसूस होता है , थोड़ा चलने से साँस फूलने लगती या ह्रदय से संबंधित कोई समस्या महसूस हो तो आप कार्डिओलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।

पीडीयाट्रीशियन (‎Pediatrician) – नवजात शिशु , बच्चे और किशोरावस्था में स्वास्थ्य समस्या और उनके इलाज के लिए इनसे संपर्क करना उचित होता है बच्चों की बीमारियाँ , उनके टीके या अन्य परेशानी में इनके पास जाना चाहिए बच्चों का इलाज किस प्रकार से करना है ये बेहतर तरीके से जानते है।

निओनेटोलोजिस्ट( Neonatologist) – पीडियाट्रिक्स का एडवांस कोर्स करने के बाद निओनेटोलोजिस्ट बनते हैं नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद इन्हें दिखा लेना चाहिए ये नवजात शिशु से सम्बंधित परेशानी तथा चेकअप आदि के विशेषज्ञ होते हैं।

गायनेकोलोजिस्ट (Gynecologist) – महिलाओं की गर्भावस्था, प्रजनन अंग से सम्बंधित परेशानी और बीमारियों का इलाज इनके पास करवाएं गर्भाशय , ओवरी , यूरिन इन्फेक्शन आदि के सम्बन्ध में या इनकी जाँच के लिए इनसे परामर्श करना चाहिए।

न्यूरोलोजिस्ट (Neurologist) – नर्वस सिस्टम से सम्बंधित परेशानी और उसके उपचार के लिए न्यूरोलोजिस्ट को दिखाना चाहिए न्यूरोलोजिस्ट मस्तिष्क , स्पाइनल कोड तथा इन्द्रियों की गतिविधि , आँख , नाक , त्वचा की संवेदनायें आदि से सम्बंधित समस्या के विशेषज्ञ होते हैं अल्जाइमर , पार्किन्सन , मिर्गी, सिर दर्द , चक्कर आना , अचानक आँखों के आगे अँधेरा छाना , हाथ पैरों में कंपन या सुन्न होना , सही तरीके से चलने में दिक्कत होने पर न्यूरोलोजिस्ट से परामर्श करना चाहिए।

ओन्कोलोजिस्ट (Oncologist) – कैंसर से बचाव , जाँच , स्टेज तथा उपचार से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी के विशेषज्ञ ओन्कोलोजिस्ट होते हैं कीमियो थेरेपी , रेडियो थेरेपी आदि तथा कैंसर के इलाज के बाद भी इनको दिखाये।

आर्थोपेडिक (Orthopedic) -हड्डी से सम्बंधित ऑपरेशन , हड्डी टूटना , अर्थराइटिस जैसी परेशानी में ओर्थोपेडिक से सलाह ले।

ई एन टी (ENT Specialist) – कान , नाक , गला रोग के ये विशेषज्ञ होते हैं इन तीनो अंगों से संबंधित कोई समस्या आने पर इनके पास जाना चाहिए।

साइकेट्रिस्ट– Psychiatrist – मानसिक स्थिति से सम्बंधित बीमारी में इनसे मदद लेनी चाहिए ये डिप्रेशन , मानसिक तनाव आदि बीमारियों का इलाज करते है।

यूरोलोजिस्ट (Urologist) – ये डॉक्टर गुर्दे ( kidney ) , मूत्राशय , मूत्र नली , एड्रिनल ग्लेंड्स के अलावा पुरुषों के प्रजनन अंग से सम्बंधित जानकारी और उपचार के विशेषज्ञ होते हैं।

रेडियोलोजिस्ट (Radiologist) – हर तरह के एक्स रे X-ray, सिटी स्केन CT scain , एम आर आई MRI , अल्ट्रा साउंड तथा अन्य कई आधुनिक तकनीक के बारे में इनको जानकारी होती है और ये इनका रिपोर्ट बना के देते है जिससे इलाज कराना आसान हो जाता है।

गेस्ट्रोएंटरोलोजिस्ट (Gastroenterologist) – पाचन सम्बन्धी अंगों की परेशानी में इनसे संपर्क करना चाहिए ये पेट , लीवर , पेन्क्रियास , पित्ताशय , छोटी आंत बड़ी आंत आदि से सम्बंधित समस्या ,एसिडिटी , सीने मे जलन , भूख न लगना , उल्टी , जी घबराना , पेट में अल्सर , पेट में दर्द , पेट फूलना , कब्ज , डकार ज्यादा आना , पित्ताशय में पथरी , दस्त , आदि समस्या के लिए इनसे परामर्श करना चाहिये।

नेफ्रोलोजिस्ट (Nephrologist) – ये किडनी यानि गुर्दे से सम्बंधित बीमारी के विशेषज्ञ होते हैं किडनी की समस्या का पता लगाना और उसका उपचार करना इनका विशेष क्षेत्र होता है।

पल्मोनोलोजिस्ट – Pulmonologist – ये श्वसन तंत्र की समस्या का पता लगाने और उसके उपचार के विशेषज्ञ होते है न्युमोनिया , अस्थमा, टी बी आदि के इलाज के लिए इनसे संपर्क करना चाहिए।

तो ये था मेरा छोटा सा प्रयास आपको कुछ प्रमुख स्पेशलिस्ट डॉक्टर जिनका दैनिक जीवन मे ज्यादे जरूरत पड़ती है।

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