चुनाव में हुई बराबर की टक्कर , लेकिन जीत हुई इस पार्टी की

चुनाव हो ही रहे थे कि 11 अप्रैल को पहले चरण का लोकसभा चुनाव होना है लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों पर चुनाव संपन्न होने हैं ऐसे में आज मैं आपको पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उन 4 सीटों के बारे में बताने जा रही हूं, जहां पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बागपत लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल का अच्छा खासा प्रभाव है पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और उनके पुत्र अजीत सिंह इस सीट से सांसद रह चुके हैं पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सत्यपाल सिंह ने अजीत सिंह को बागपत लोकसभा सीट से पराजित किया था इस बार बागपत में सत्यपाल सिंह और जयंत चौधरी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

गाजियाबाद लोकसभा सीट-

2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई गाजियाबाद लोकसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं भाजपा प्रत्याशी वीके सिंह को कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार डॉली शर्मा से कड़ी टक्कर मिल रही है इसके अतिरिक्त सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल के चुनावी मैदान में उतरने से गाजियाबाद में त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है।

मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट-

उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट भी राष्ट्रीय लोकदल के प्रभाव वाली मानी जाती है 2014 में इस लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के संजीव बालियान ने जीत दर्ज की थी इस बार मुजफ्फरनगर में संजीव बालियान और अजीत सिंह के बीच मुकाबला है।

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से वर्तमान समय में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा सांसद है भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर महेश शर्मा को गौतमबुद्ध नगर से चुनावी मैदान में उतारा है तो वहीं सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से सतवीर नागर को टिकट दिया गया है सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी सतवीर नागर महेश शर्मा को कड़ी टक्कर देते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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