भगवान् कैसे आते है हमारे सामने और कब आते है यहाँ पढें

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हेल्लो दोस्तों सब बोलते है कि भगवन दिखाई तो देता नहीं है अगर भगवान् दुनिया में है तो दिखाई देना चाहिए न आप सभी ने सुना होगा, भगवान कण कण में हैं आज का हमारा पोस्ट इसी बात पर आधारित है दोस्तों भगवान हमारे साथ हमेशा होते हैं पर जब हम मुसीबत में रहते हैं तो वह कोई इशारा देकर अपनी उपस्थिति का हमें अनुभूति कराते हैं और उस मुसीबत से भी हमें बचाते हैं।

अगर हम कोई गलत काम कर रहे होते हैं तो भगवान इशारा देते हैं कि हम वह काम ना करें सही और कामयाब मनुष्य वही है जो भगवान के दिए गए इशारों को समझ कर अपना काम सही दिशा की ओर मोड़ कर आगे बढ़े क्योंकि जीवन में उन्नति का एक ही मौका मिलता है इस बात को साबित करने के लिए हम आप को तुलसीदास का एक संदर्भ बताने जा रहे हैं।

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तुलसीदास चौपाई लिखा करते थे उन्होंने एक चौपाई लिखा था जिसका अर्थ है कि राम हर इंसान में वास करता है हमें सिर्फ ढूंढने वाली नजर चाहिए। इसलिए जब भी किसी इंसान से मिले हमें उसे प्रणाम करके उनका अभिवादन करना चाहिए जैसे की हम भगवान का करते हैं।

यह चौपाई लिखने के बाद तुलसीदास अपने घर की तरफ जाने लगी तभी रास्ते में उन्हें एक बच्चा मिला वह उनसे कहा पंडित जी उधर ना जाए उधर एक खूंखार बैल है वह आपको हानि पहुंचाएगा तुलसीदास ने सोचा कि मैं तो राम भक्त हूं बैल में भी श्रीराम का रूप मानकर मैं उन्हें प्रणाम कर लूंगा तो बैल मेरा क्या बिगाड़ेगा। यह छोटा सा बालक मुझे उपदेश दे रहा है यह कहकर वह उसी रास्ते में आगे बढ़ा और बैल ने उसे बुरी तरह से घायल कर दिया थोड़ी देर बाद तुलसीदास उसी पेड़ के नीचे आए जहां वह चौपाई लिख रहे थे और उन्होंने अपनी लिखी हुई चौपाई फाड़ने को उठाया , तभी हनुमान जी प्रकट हुए और उनसे कहा कि महात्मा जी क्या कर रहे हैं? तो तुलसीदास जी ने हनुमान जी से कहा कि मैंने यह चौपाई गलत लिखी थी इसलिए फाड़ रहा हु हनुमान जी ने कहा जी नहीं आपने बिल्कुल सही लिखा था लेकिन प्रभु राम के रूप में आपको वह बच्चा नहीं दिखा? आप बैल में श्री राम का रूप ढूंढने लगे।

भगवान द्वारा दिए गए इशारों को सही समय पर समझने वाला मनुष्य की जीवन में सफल होता है भगवान हमारे साथ हमेशा रहते हैं दोस्तों इसीलिए कहा जाता है कि हमारे द्वार पर अगर कोई मागने वाला या आगंतुक आए तो उससे विनम्र भाव से अभिवादन करना चाहिए और कम से कम एक गिलास पानी जरूर पूछना चाहिए अगर वह भूखा है तो उसे भोजन अवश्य करवाएं ,अगर उसके तन पर कपड़ा नहीं है तो यथासंभव उसे वस्त्र दान करें कहा जाता है कि उनकी मदद करने से सीधा ईश्वर को मदद की जाती है क्योंकि हम सभी भगवान के बच्चे हैं ।

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दोस्तों कभी भी पूजा करते समय अगर आपके द्वार पर कोई आए तो यह सोचिए कि वह भगवान का संदेश लेकर आया है कभी भी उस का अनादर ना करें आपसे जो हो सके उसकी मदद करें।

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