नाग पंचमी के दिन करे इस तरह पूजा, मिलेंगे सभी सुख

आज हम आपको बहुत ही खास पर्व के बारे में बात करने जा रहे है। सावन माह की शुक्ल पक्ष पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है नाग पंचमी का पर्व हरियाली तीज के दो दिन बाद आता है इस पावन पर्व में महिलाएं नाग देवता की पूजा करती हैं तथा सर्पों को दूध अर्पित करती हैं इस साल नाग पंचमी 25 जुलाई यानी शनिवार को मनाई जाएगी इस दिन महिलाएं अपने भाइयों और परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं नाग पंचमी संपूर्ण भारत में हिंदुओं द्वारा की जाने वाली नाग देवताओं की एक पारंपरिक पूजा है।

ऐसा माना जाता है कि, सर्पों को अर्पित किया जाने वाला कोई भी पूजन, नाग देवताओं के समक्ष पहुंच जाता है सर्पों को हिन्दु धर्म में पूजनीय माना गया है।

आज हम आपको नाग पंचमी के दिन जाप किए जाने वाले कुछ मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं नाग पंचमी के दिन इन मत्रों का जाप करने से आपके सभी दुख नष्ट हो जाते हैं आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।

नाग पंचमी का बहुत महत्व है इस दिन सभी लोग बड़ी श्रद्धा से नाग पंचमी की पूजा करते है।

नाग पञ्चमी पूजा मन्त्र
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले.
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः.
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

मन्त्र अर्थ – इस संसार में, आकाश, स्वर्ग, झीलें, कुएँ, तालाब तथा सूर्य-किरणों में निवास करने वाले सर्प, हमें आशीर्वाद दें तथा हम सभी आपको बारम्बार नमन करते हैं।

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्.
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्.
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः.
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

मन्त्र अर्थ – नौ नाग देवताओं के नाम अनन्त, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शङ्खपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक तथा कालिया हैं यदि प्रतिदिन प्रातःकाल नियमित रूप से इनका जप किया जाता है, तो नाग देवता आपको समस्त पापों से सुरक्षित रखेंगे तथा आपको जीवन में विजयी बनायेंगे।

आप भी अगर इन मंत्रों से नाग पंचमी की पूजा करते है तो देखना आप को जरूर सभी सुख मिलेंगे।

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